ॐ
चंद्रकला नाड़ी के आदि लेखक प्रथम भाग के अच्युत प्रणीतम हैं दुतीय भाग के लेखक वैंकटेश जी है इसको दक्षिण भारत में देव केरलम के नाम से भी जाना जाता है सन 1992 में आर संथानम जी के द्वारा चंद्रकला नाड़ी ग्रंथ को प्रकाश में लाया गया।
इस चंद्रकला नाड़ी में अगस्त नाड़ी, काका भुजान्दर नाड़ी, वशिष्ठ नाड़ी, ईश्वर नाड़ी ,ध्रुव नाड़ी, नंदी नाड़ी, पुल्लीपानी नाड़ी,सूर्य नाड़ी, चंद्र नाड़ी , कुंज नाड़ी, बुध नाड़ी , गुरु नाड़ी, शुक्र नाड़ी, शनि नाड़ी, लग्न नाड़ी, लगनाधिपती नाड़ी, भृगु नाडी, सत्प नाड़ी, अगस्त नाड़ी, सप्त ऋषि नाड़ी , ईश्वर नाड़ी, विशिष्ट नाड़ी, सूक्ष्म नाड़ी ग्रन्थ जैसे ग्रंथों का सार है इन सभी ग्रंथों के महत्वपूर्ण सूत्र इस चंद्रकला कल नाड़ी में शामिल किए गए हैं
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